हर स्ट्रेस टेस्ट क्या मानकर चलता है?
नौ स्थितियाँ, हर एक की तय शर्तें: बाज़ार की दो गिरावटें, महँगाई के दो दौर, दो बार लंबी उम्र, आमदनी के दो झटके और करेंसी में 15% की गिरावट। पाँच इतिहास से नापी गई हैं, चार हमने चुनी हैं।
हर स्ट्रेस टेस्ट कुछ खास सालों में आपके प्लान की दरें या आमदनी बदलता है; हिसाब वही रहता है जो आपके प्लान का है। कुछ आँकड़े नापे गए हैं — किसी नामित ऐतिहासिक सीरीज़ से लिए गए और उतने या उससे कम रखे गए जितना सच में हुआ था। बाकी चुने गए हैं — Nivritee की तय की हुई गंभीरता, जान-बूझकर कड़ी जाँच के लिए, इतिहास के बारे में कोई दावा किए बिना।
| टेस्ट | यह क्या बदलता है | आधार |
|---|---|---|
| 2008 जैसी गिरावट | काम छोड़ने के पाँच साल बाद, एक ही साल में आपकी बचत 35% गिरती है। उस साल का रिटर्न यही गिरावट होती है। | नापा गया: OECD के शेयर प्राइस इंडेक्स पर 2008 के सबसे बुरे बारह महीने −46% (अमेरिका), −45% (जापान), −35% (ब्रिटेन) रहे। |
| डॉट-कॉम जैसी मंदी | काम छोड़ने के एक साल बाद, एक ही साल में 25% की गिरावट। | नापा गया: OECD के अमेरिकी इंडेक्स पर 2000–03 की गिरावट का सबसे बुरा साल, −25.6%। |
| लंबे समय तक ऊँची महँगाई | आम, इलाज, स्कूल और कॉलेज की फ़ीस की महँगाई — हर एक 7 साल तक 4 प्रतिशत अंक ज़्यादा, अब से दो साल बाद शुरू होकर। उसके बाद भी कीमतें ऊँची ही रहती हैं। | नापा गया: अमेरिका में 1973–82 में उपभोक्ता कीमतें औसतन 8.8% सालाना बढ़ीं, जबकि उससे पहले 2.8%। |
| भारत जैसी महँगाई का दौर (भारत में बसने वाले प्लान) | महँगाई की तीनों दरें 5 साल तक 3.5 प्रतिशत अंक ज़्यादा, अगले साल से शुरू होकर। | नापा गया: भारत में 2009–13 में उपभोक्ता महँगाई औसतन 10.3% रही, जबकि उससे पहले के दशक में 4.9%। |
| आप पाँच साल ज़्यादा जिएँ | प्लान पाँच साल और चलता है, उसी खर्च के साथ। | चुना गया। |
| आप दस साल ज़्यादा जिएँ | प्लान दस साल और चलता है। | चुना गया। |
| दो साल बिना काम | अब से तीन साल बाद शुरू होकर, दो साल तक आमदनी पूरी तरह रुक जाती है। | चुना गया। |
| आधी सैलरी पर पाँच साल का करियर ब्रेक | अब से दो साल बाद शुरू होकर, पाँच साल तक आमदनी आधी। | चुना गया। |
| विदेश में रखे पैसे की कीमत 15% कम (दूसरी करेंसी वाले प्लान) | जिस साल आप काम छोड़ते हैं, उस साल दूसरी करेंसी में आपके पास जो कुछ है, जो आप कमाते हैं, चुकाते हैं या पाने की उम्मीद रखते हैं, उस सबकी कीमत आपके प्लान की करेंसी में 15% घट जाती है, और वहीं रहती है। | नापा गया: जनवरी से नवंबर 2007 के बीच एक अमेरिकी डॉलर में लगभग 11% कम रुपये मिलने लगे; मई से अक्टूबर 2016 के बीच एक पाउंड में लगभग 15% कम डॉलर। |
ये इतिहास से नरम क्यों हैं
जिस स्ट्रेस टेस्ट को सिर्फ़ सदी में एक बार होने वाली घटना ही सही ठहरा सके, उसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इसलिए हर नापा गया टेस्ट अपने दौर के नरम सिरे पर रखा गया है: 2008 के लिए 35%, जबकि तब बाज़ार ऊपर से नीचे तक लगभग आधे गिरे थे; महँगाई में चार प्रतिशत अंक की बढ़त, जबकि 1970 के दशक में यह लगभग छह थी।
समय कैसे तय होता है
- बाज़ार की गिरावटें काम छोड़ने के बाद रखी जाती हैं, जब उन्हें झेलने के लिए कोई सैलरी नहीं होती।
- महँगाई और आमदनी के झटके आज से एक या कुछ साल बाद रखे जाते हैं।
- करेंसी की गिरावट दूसरी करेंसी में रखे आपके पैसे पर पड़ती है, उस समय तक वह जितना बढ़ चुका हो — आपकी पूरी बचत पर नहीं — और प्लान की अपनी करेंसी में बचाया गया पैसा इससे अछूता रहता है।
- लंबी उम्र आखिर में साल जोड़ती है, उसी खर्च पर।
इसे अपने प्लान में देखें।
FIRE प्लानर खोलेंआखिरी बार 4 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।