हर महीने की SIP या नियमित निवेश कैसे जोड़ें?

होल्डिंग का लॉट और बदलाव खोलें, नियमित SIP चुनें, और दर्ज करें कि कितना, कितनी बार और कब से। Nivritee आज तक की हर किस्त भर देता है, उसी दिन के क्लोज़िंग भाव पर।

हर किस्त अलग से लिखने के बजाय, होल्डिंग पर इसे एक बार बता दें। Nivritee इस जानकारी से हर किस्त के लिए तारीख के साथ एक खरीद बना देता है, और इसी से SIP (हर महीने तय रकम से अपने-आप होने वाला निवेश) का रिटर्न सही निकलता है: पाँच साल पहले लगाया गया पैसा और पिछले महीने लगाया गया पैसा बहुत अलग-अलग समय से काम कर रहे हैं।

  1. अगर फ़ंड या ETF अभी लिस्ट नहीं है, तो पहले उसे + निवेश जोड़ें से जोड़ें।
  2. उसकी पंक्ति पर लॉट और बदलाव दबाएँ।
  3. एक बार की खरीद की जगह नियमित SIP चुनें।
  4. हर बार कितना दर्ज करें, और कितनी बार चुनें: हर हफ़्ते, हर दो हफ़्ते, हर महीने या हर तिमाही।
  5. वह तारीख दर्ज करें जब यह शुरू हुई। अगर यह अभी चल रही है, तो बंद हुई खाली छोड़ें।
  6. SIP सेव करें दबाएँ, फिर हो गया।

निवेश

हर निवेश, एक-एक पंक्ति मेंINR में, जिस करेंसी में आप खर्च करेंगे
निवेशवैल्यूफ़ायदा/नुकसानXIRR30 दिन
Nifty 50 index fundभारतीय म्यूचुअल फ़ंड (AMFI) · इंडेक्स फ़ंड₹25,000 महीना₹16.5 लाख₹16,50,000+₹3.5 लाख11.4%
S&P 500 ETFNYSE · इक्विटी ETF₹22.52 लाख$27,000+₹5.84 लाख14.3%
Nifty Next 50 ETFNSE · इक्विटी ETF₹10 लाख₹10,00,000+₹2 लाख13.0%
Sovereign Gold BondNSE · सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड₹7 लाख₹7,00,000+₹2 लाख15.0%
FTSE 100 trackerLondon Stock Exchange · इक्विटी ETF₹7.84 लाख£7,000 · भाव पेंस में+₹1.12 लाख8.1%

लिस्टेड नहीं: ₹10,00,000 एक आँकड़े के रूप में लिखा — प्लान में गिना जाता है, पर लिस्ट होने तक इसका कोई रिटर्न नहीं निकलता।

एक बार दर्ज — एक खोज, यूनिट और खरीद का भाव — फिर हर कामकाजी दिन एक्सचेंज के अपने क्लोज़िंग भाव से कीमत। SIP हर महीने तारीख वाली एक खरीद बन जाती है। न ब्रोकर लॉगिन, न स्टेटमेंट अपलोड।

लिस्टेड निवेश, हर एक की अपनी पंक्ति, और जिस फ़ंड में SIP है उस पर उसका टैग।

  • Nifty 50 इंडेक्स फ़ंड · ₹25,000 महीना।
  • हर होल्डिंग की वैल्यू, फ़ायदा/नुकसान और XIRR, INR में।
  • लिस्टेड नहीं: ₹10,00,000 एक आँकड़े के तौर पर भरा गया।

उदाहरण के आँकड़े — किसी का असली प्लान नहीं।

किस्तें कैसे भरी जाती हैं

  • हर किस्त का भाव वही लिया जाता है जो उस दिन बाज़ार में था।
  • जब तय दिन शनिवार-रविवार या छुट्टी का हो, तो खरीद की तारीख अगला वह दिन मानी जाती है जिसका भाव हो — जैसा आपके स्टेटमेंट में दिखता है। SIP का शेड्यूल अपने तय दिन पर ही रहता है।
  • किस्तें आज तक ही भरी जाती हैं, आगे की कभी नहीं, ताकि प्लान ऐसी यूनिट न गिने जो आपने अभी खरीदी ही नहीं।
  • आपकी खुद की जोड़ी गई एंट्री को छुआ नहीं जाता; SIP बदलने पर सिर्फ़ अपने-आप बनी एंट्री दोबारा लिखी जाती हैं।

SIP क्या नहीं करती

SIP बस यह दर्ज करती है कि आपने अब तक कितना निवेश किया है। आगे की बचत पहले से अनुमान में शामिल है: हर साल खर्च और लोन की किस्तों के बाद आपकी आमदनी में से जो बचता है, उसे बचत माना जाता है। इसलिए SIP को रहन-सहन के खर्च में भी दर्ज न करें, वरना वही पैसा खर्च के तौर पर गिना जाएगा।

इसे अपने प्लान में देखें।

निवेश खोलें

आखिरी बार 4 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।