कमाई एक देश में, बसने का इरादा दूसरे में — किन बातों पर सोचना चाहिए?
प्लान का हिसाब उस देश की कीमतों पर लगाएँ जहाँ आप बसेंगे, फिर पहले से समझ लें कि जाने से आपकी टैक्स रेज़िडेंसी कैसे बदलती है, किन खातों पर टैक्स की छूट बनी रहती है, पेंशन का क्या होता है, और पैसा कब लाना है।
इस जवाब का कुछ हिस्सा आपके देश के सिस्टम पर निर्भर है।
प्लान उस देश के इर्द-गिर्द बनाएँ जहाँ आप खर्च करेंगे, उस देश के नहीं जहाँ कमाते हैं: उसकी कीमतें, उसकी महँगाई और उसकी करेंसी। फिर देखें कि जाने से खुद क्या-क्या बदलता है — कौन-सा देश आप पर टैक्स लगाता है और कब से, किन खातों पर टैक्स की छूट बनी रहती है, अब तक जमा हुई पेंशन का क्या होता है, और पैसा कब करेंसी बदलकर लाना है। इनमें से ज़्यादातर बातें नियमों से तय होती हैं, और नियम समझने का सबसे सस्ता समय जाने से पहले है, जाने वाले साल में नहीं।
सोचने और तय करने की छह बातें
- हर साल की आपकी टैक्स रेज़िडेंसी। हर देश का अपना टेस्ट होता है — आम तौर पर वहाँ बिताए दिन, और साथ में घर, परिवार और काम से जुड़ाव — और एक ही साल में दो देशों का रेज़िडेंट होना मुमकिन है। ज़्यादातर देशों के बीच दोहरे टैक्स से बचाने वाले समझौते (DTAA) होते हैं, जो तय करते हैं कि किस चीज़ पर कौन टैक्स लगाएगा, और आम तौर पर एक देश में दिया गया टैक्स दूसरे में घटाने देते हैं। पता करें कि जाने वाले साल को दोनों देश कैसे गिनते हैं।
- टैक्स-फ़्री कमाई का अंत। UAE लोगों की आमदनी पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगाता। जैसे ही आप किसी ऐसे देश के रेज़िडेंट बनते हैं जो लगाता है, वहाँ आमदनी, ब्याज और मुनाफ़े पर टैक्स लग सकता है। कुछ निवेश जाने से पहले बेचें या बाद में, यह सवाल पहले से किसी टैक्स जानकार के साथ तय कर लें।
- खाते जिनकी हैसियत बदल जाती है। एक देश में टैक्स की छूट वाला खाता दूसरे में अक्सर आम खाता होता है, और कुछ नियम उसी दिन बदल जाते हैं जिस दिन आप रेज़िडेंट नहीं रहते। ब्रिटेन का ISA रखा जा सकता है, पर नॉन-रेज़िडेंट होने के बाद उसमें पैसा नहीं डाला जा सकता; कनाडा नॉन-रेज़िडेंट रहते हुए TFSA में डाले गए पैसे पर हर महीने 1% टैक्स लगाता है; भारत लौटकर वहाँ रहने पर NRE खातों को रेज़िडेंट खातों में बदलवाना चाहिए (या उनका पैसा RFC खाते में ले जाना चाहिए), और NRO खाते भी बदलवाए जा सकते हैं।
- पेंशन और सोशल सिक्योरिटी। कुछ योजनाएँ देश छोड़ने पर पैसा दे देती हैं, कुछ अपनी तय उम्र तक वहीं रहती हैं, और देशों के बीच समझौते दोनों जगह काम के साल जोड़कर गिन सकते हैं। देखें: दूसरे देश जाने पर पेंशन का क्या होता है।
- करेंसी। तय करें कि बचत को उस करेंसी में कब और कितनी तेज़ी से ले जाना है जिसमें आप खर्च करेंगे। देखें: आपकी बचत किस करेंसी में होनी चाहिए।
- रिकॉर्ड। हर निवेश के लिए लिखकर रखें कि आपने कितना दिया, कब, और उस दिन का एक्सचेंज रेट क्या था। जिस देश में आप बसें, वह सालों बाद मुनाफ़े का हिसाब अपनी करेंसी में माँग सकता है।
आम गलतियाँ
- जाने को एक तारीख मानना, टैक्स ईयर नहीं। रेज़िडेंसी के टेस्ट पूरे साल के दिन गिनते हैं, और जाने वाला साल अक्सर सबसे मुश्किल होता है।
- यह मान लेना कि जो खाता वहाँ टैक्स-फ़्री है जहाँ खोला गया, वह हर जगह टैक्स-फ़्री रहता है।
- सारा पैसा एक ही ट्रांसफ़र में, उस दिन जो भी रेट मिले उस पर, घर ले आना।
- खरीद की कीमत का कोई रिकॉर्ड न रखना, क्योंकि जिस देश में कमाई होती थी, वहाँ उसकी ज़रूरत नहीं पड़ी।
- भूल जाना कि रेज़िडेंसी दिनों के साथ-साथ जुड़ाव से भी तय हो सकती है: रखा हुआ घर, वहाँ रहता परिवार, या कोई नौकरी।
जवाब कब बदल सकता है
नागरिकता भी रेज़िडेंसी जितनी ही अहम हो सकती है: अमेरिका अपने नागरिकों की दुनिया भर की आमदनी पर टैक्स लगाता है, वे जहाँ भी रहें। जाने की तारीख कुछ महीने खिसक जाए, तो आपके दिन रेज़िडेंसी की किसी सीमा के इस पार से उस पार जा सकते हैं। और अगर जाने के बाद भी पुराने देश से कमाई जारी रहती है — किराया, पेंशन, कोई बिज़नेस — तो हमेशा के लिए दो टैक्स व्यवस्थाएँ लागू हो सकती हैं, और किसका हक पहले है, यह टैक्स समझौता तय करता है।
Nivritee में इसे कैसे दिखाएँ
आपका देश में चुनें कि आप कहाँ बसेंगे, आप अभी कहाँ कमाते और खर्च करते हैं वाले सवाल में वह देश रखें जहाँ आप अभी रहते हैं, और उस देश के लिए आप … में कब बसेंगे? का जवाब दें। फिर कहाँ और कब हिस्से में हर आमदनी और खर्च को उसका अपना देश और तारीखें दें — दुबई का किराया दूसरे देश में बसने पर खत्म होता है, पुणे में रहन-सहन का खर्च तभी शुरू होता है — और जो खर्च बसने के बाद अलग होगा, उस पर आगे बदलेगा? इस्तेमाल करें। पूरा तरीका: दूसरे देश में बसने का प्लान कैसे बनाएँ।
आपका देश
आप भारत में कब बसेंगे?जब मैं काम छोड़ूँ55 की उम्र में
| पंक्ति | कहाँ | शुरू | खत्म | जैसा दर्ज किया | INR में |
|---|---|---|---|---|---|
| सैलरी | UAE | आज | 55 की उम्र में | AED▾ 30,000 / महीना | ≈ ₹6.81 लाख / महीना |
| पुणे वाले फ़्लैट से किराया | भारत | आज | दूसरे देश में बसने पर | INR▾ 25,000 / महीना | ₹25,000 / महीना |
| दुबई में किराया | UAE | आज | दूसरे देश में बसने पर | AED▾ 10,000 / महीना | ≈ ₹2.27 लाख / महीना |
| स्कूल की फ़ीस | UAE | आज | 52 की उम्र में | AED▾ 5,000 / महीना | ≈ ₹1.14 लाख / महीना |
| दुबई में रहने का खर्च | UAE | आज | दूसरे देश में बसने पर | AED▾ 9,000 / महीना | ≈ ₹2.04 लाख / महीना |
| पुणे में रहने का खर्च | भारत | दूसरे देश में बसने पर | — | INR▾ 1,25,000 / महीना | ₹1.25 लाख / महीना |
| होम लोन | भारत | आज | 2037 में चुकता | INR▾ 35,00,000 | ₹35 लाख |
| S&P 500 ETF | NYSE | — | — | USD▾ 27,000 | ≈ ₹22.52 लाख |
उदाहरण वाले परिवार के दो देश, बसने का सवाल, और हर पंक्ति अपनी जगह, तारीखों और करेंसी के साथ, INR में बदली हुई।
- आप अभी कहाँ कमाते और खर्च करते हैं: संयुक्त अरब अमीरात। नई पंक्तियाँ यहीं से शुरू होती हैं।
- आप कहाँ रहेंगे: भारत। इसी से प्लान की करेंसी, दरें और योजनाएँ तय होती हैं।
- आप भारत में कब बसेंगे? जब मैं काम छोड़ूँ।
- दुबई का किराया बसने के साथ खत्म होता है; पुणे में रहन-सहन का खर्च उसी समय शुरू होता है।
उदाहरण के आँकड़े — किसी का असली प्लान नहीं।
यह देश टैक्स रेज़िडेंसी कैसे तय करता है, और आपके आने या जाने पर उसके टैक्स-छूट वाले खातों का क्या होता है।
अमेरिका में
अमेरिकी नागरिकों और रेज़िडेंट एलियन (वहाँ रहने वाले विदेशियों) पर उनकी हर स्रोत से हुई दुनिया भर की आमदनी पर टैक्स लगता है, वे जहाँ भी रहें, और देश में हों या बाहर, रिटर्न मोटे तौर पर एक जैसे नियमों से भरा जाता है। नागरिक के लिए देश छोड़ने से यह खत्म नहीं होता।
विदेश में रहते हुए, अगर ‘फ़ॉरेन अर्न्ड इनकम एक्सक्लूज़न’ के टेस्ट पूरे होते हैं — जैसे लगातार 12 महीनों में 330 पूरे दिन विदेश में — तो एक सीमा तक की विदेशी कमाई को टैक्स से बाहर रखा जा सकता है; यह सीमा हर साल महँगाई के हिसाब से बदली जाती है। किसी पैसिव फ़ॉरेन इन्वेस्टमेंट कंपनी (PFIC) में शेयर रखने वाले अमेरिकी व्यक्ति को उसके लिए Form 8621 भी भरना पड़ सकता है — अमेरिका के बाहर रखे किसी भी फ़ंड के लिए किसी अमेरिकी टैक्स जानकार से यह जाँच लेना ठीक है।
अगर विदेश से आकर अमेरिका में बसना है, तो रेज़िडेंट बनने के दिन से यही दुनिया भर वाला नियम लागू होता है, इसलिए कहीं और खरीदे गए निवेश भी अमेरिकी रिटर्न में आ जाते हैं।
कनाडा में
कनाडा छोड़कर कहीं और रहने जाने और वहाँ से अपने निवास वाले जुड़ाव (residential ties) तोड़ लेने पर, कनाडा आपको टैक्स के लिए आम तौर पर ‘एमिग्रेंट’ मानता है। अहम जुड़ाव बने रहें, तो वह आपको तब भी ‘फ़ैक्चुअल रेज़िडेंट’ मान सकता है; और अगर आप किसी समझौते वाले देश के भी रेज़िडेंट हों, तो ‘डीम्ड नॉन-रेज़िडेंट’।
देश छोड़ते समय कनाडा मान लेता है कि आपने कुछ संपत्ति — जैसे शेयर — उसकी उचित बाज़ार कीमत पर बेच दी, भले ही आपने बेची न हो, इसलिए उस मुनाफ़े पर टैक्स देना पड़ सकता है (डिपार्चर टैक्स)। अगर जाते समय आपकी सारी संपत्ति की कीमत CA$25,000 से ज़्यादा है, तो फ़ॉर्म T1161 पर उसकी सूची भरनी होती है।
नॉन-रेज़िडेंट होकर भी TFSA रखा जा सकता है और उसकी कमाई पर कनाडा में टैक्स नहीं लगता, पर नॉन-रेज़िडेंट रहते हुए डाले गए हर पैसे पर, जितने महीने वह खाते में रहे, हर महीने 1% टैक्स लगता है।
ब्रिटेन में
ब्रिटेन में रेज़िडेंसी स्टैट्यूटरी रेज़िडेंस टेस्ट से तय होती है। दूसरे टेस्ट के साथ-साथ, अगर किसी टैक्स ईयर में आप ब्रिटेन में 183 दिन या उससे ज़्यादा बिताते हैं, तो आप अपने-आप रेज़िडेंट हैं; वरना ‘ऑटोमैटिक ओवरसीज़’ टेस्ट और ‘सफ़िशिएंट टाइज़’ टेस्ट तय करते हैं। आने या जाने वाले साल में टैक्स ईयर आम तौर पर रेज़िडेंट और नॉन-रेज़िडेंट, दो हिस्सों में बँट जाता है।
विदेश जाकर नॉन-रेज़िडेंट होने पर ISA में नया पैसा नहीं डाला जा सकता (जब तक आप विदेश में तैनात ब्रिटिश सरकारी (Crown) कर्मचारी, या उनके जीवनसाथी या सिविल पार्टनर न हों), पर उसे खुला रखा जा सकता है और उसमें रखी रकम पर ब्रिटेन की टैक्स छूट बनी रहती है। जिस देश में आप जाएँ, वह फिर भी उसके अंदर की आमदनी और मुनाफ़े पर टैक्स लगा सकता है।
यूरोप में
यूरोप एक टैक्स व्यवस्था नहीं है। हर सदस्य देश अपने रेज़िडेंसी टेस्ट और दरें खुद तय करता है, और आप पर हमेशा उस देश के टैक्स नियम लागू होते हैं जहाँ के आप रेज़िडेंट हैं। अगर किसी दूसरे देश से भी आमदनी है, तो वहाँ भी टैक्स देना पड़ सकता है।
ज़्यादातर देशों के बीच दोहरे टैक्स से बचाने वाले समझौते होते हैं, जो आम तौर पर एक ही आमदनी पर दो बार टैक्स से बचाते हैं — अक्सर एक देश में दिए गए टैक्स को दूसरे देश के टैक्स में से घटाकर — और EU देश आपस में टैक्स की जानकारी साझा करते हैं। दोनों देशों के बीच का समझौता देखें, और उस देश के रेज़िडेंसी नियम भी, जहाँ आपको जाना है।
ऑस्ट्रेलिया में
ऑस्ट्रेलियन टैक्सेशन ऑफ़िस रेज़िडेंसी चार टेस्ट से तय करता है: ‘रिज़ाइड्स टेस्ट’ (मुख्य टेस्ट — वहाँ आपकी मौजूदगी, इरादा, परिवार, काम और संपत्ति, सब गिने जाते हैं), ‘डोमिसाइल टेस्ट’, 183 दिन वाला टेस्ट और ‘कॉमनवेल्थ सुपरएनुएशन टेस्ट’। रिज़ाइड्स टेस्ट पूरा हो जाए, तो बाकी से कोई फ़र्क नहीं पड़ता।
अगर आपने अस्थायी वीज़ा पर ऑस्ट्रेलिया में काम किया हो और देश छोड़ दिया हो, तो आम तौर पर अपना super ‘डिपार्टिंग ऑस्ट्रेलिया सुपरएनुएशन पेमेंट’ के तौर पर, टैक्स कटकर, क्लेम किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नागरिक और परमानेंट रेज़िडेंट ऐसा नहीं कर सकते; उनका super तब तक सिस्टम में रहता है जब तक उसे निकालने की उम्र न आ जाए — आम तौर पर 60 से, काम पूरी तरह छोड़ने या कोई नौकरी छोड़ने पर, या 65 से।
न्यूज़ीलैंड में
न्यूज़ीलैंड आपको टैक्स रेज़िडेंट तब मानता है जब किसी भी 12 महीने की अवधि में वहाँ आपके 183 दिन से ज़्यादा बीत जाएँ, या जब वहाँ आपका स्थायी घर (permanent place of abode) हो — जो भी पहले हो। फिर रेज़िडेंसी उन 183 दिनों के पहले दिन से मानी जाती है।
न्यूज़ीलैंड के रेज़िडेंट पर दुनिया भर की आमदनी पर टैक्स लगता है। जो लोग पहली बार टैक्स रेज़िडेंट बनते हैं, या 10 साल बाहर रहकर लौटते हैं, उनमें से ज़्यादातर की ज़्यादातर विदेशी आमदनी पर लगभग चार साल तक टैक्स नहीं लगता — अगर विदेश में रखी बचत के साथ वहाँ बसना है, तो यह मौका जानने लायक है।
सिंगापुर में
जो सिंगापुर का नागरिक या परमानेंट रेज़िडेंट आम तौर पर सिंगापुर में रहता है, वह टैक्स रेज़िडेंट है। कोई विदेशी आम तौर पर किसी साल का रेज़िडेंट होता है: पिछले कैलेंडर साल में कम से कम 183 दिन सिंगापुर में रहने या काम करने के बाद, लगातार तीन साल रहने या काम करने के बाद, या दो कैलेंडर सालों में फैली ऐसी लगातार अवधि के बाद जो कुल मिलाकर कम से कम 183 दिन की हो।
सिंगापुर छोड़ देने भर से आपकी CPF बचत नहीं मिल जाती: खाता बंद होकर पैसा तभी मिलता है जब आप सिंगापुर के नागरिक या परमानेंट रेज़िडेंट नहीं रहते — देखें दूसरे देश जाने पर पेंशन का क्या होता है।
हांगकांग में
हांगकांग इलाके के आधार पर टैक्स लगाता है: सिर्फ़ हांगकांग में स्रोत वाले मुनाफ़े पर प्रॉफ़िट्स टैक्स लगता है, कहीं और से आए मुनाफ़े पर नहीं। सैलरीज़ टैक्स नौकरी की आमदनी पर लगता है — हांगकांग की नौकरी पर पूरी आमदनी पर, और बाहर की नौकरी पर मोटे तौर पर हांगकांग में काम के दिनों के हिसाब से।
इससे हांगकांग उन देशों से अलग है जो रेज़िडेंट की दुनिया भर की आमदनी पर टैक्स लगाते हैं: वहाँ जाने भर से कहीं और से आया मुनाफ़ा हांगकांग के टैक्स में नहीं आ जाता। जिस देश को आप छोड़ते हैं, वह फिर भी टैक्स लगा सकता है, और हमेशा के लिए देश छोड़ने पर आपके MPF के अपने नियम हैं।
जापान में
टैक्स के लिए आप जापान के नॉन-रेज़िडेंट हैं, जब तक जापान में आपका डोमिसाइल (स्थायी निवास) न हो या वहाँ लगातार एक साल या उससे ज़्यादा न बिताया हो। नॉन-रेज़िडेंट पर जापान में सिर्फ़ उस आमदनी पर टैक्स लगता है जिसका स्रोत जापान में हो, जैसे वहाँ की प्रॉपर्टी का किराया या जापानी डिपॉज़िट पर ब्याज।
गैर-जापानी नागरिक थोड़े समय पेंशन के दायरे में रहने के बाद जापान छोड़ें, तो जाने के दो साल के अंदर आवेदन करके एकमुश्त निकासी (lump-sum withdrawal payment) क्लेम की जा सकती है।
भारत में
किसी टैक्स ईयर में आप भारत के रेज़िडेंट हैं, अगर वहाँ आपके 182 दिन या उससे ज़्यादा बीते, या 60 दिन बीते और पिछले चार साल में कुल 365 दिन। विदेश में नौकरी के लिए भारत छोड़ने वाले नागरिक पर सिर्फ़ 182 दिन वाला टेस्ट लागू होता है; भारत आए जिस नागरिक की भारतीय आमदनी ₹15 लाख से ज़्यादा है, उसके लिए 60 की जगह 120 दिन लगते हैं। जिस नागरिक की भारतीय आमदनी ₹15 लाख से ज़्यादा है और जिस पर किसी दूसरे देश में टैक्स नहीं बनता, उसे दिनों की परवाह किए बिना रेज़िडेंट माना जाता है — अगर आप ऐसे देश में कमाते हैं जहाँ इनकम टैक्स नहीं है, तो यह जाँच लेना ठीक है। सालों विदेश में रहकर लौटने वाला व्यक्ति शुरू में ‘नॉट ऑर्डिनरिली रेज़िडेंट’ (RNOR) हो सकता है।
भारत लौटकर नौकरी करने या किसी और वजह से रेज़िडेंसी बदलने पर NRE खातों को रेज़िडेंट खातों में बदलवाना चाहिए (या पैसा RFC खाते में ले जाना चाहिए); अनिश्चित समय तक रहने के इरादे से लौटने पर NRO खाते भी रेज़िडेंट खातों में बदलवाए जा सकते हैं।
मलेशिया में
आम तौर पर आप किसी साल मलेशिया के टैक्स रेज़िडेंट हैं, अगर उस साल मलेशिया में आपके 182 दिन या उससे ज़्यादा बीते। इससे कम ठहराव भी गिने जा सकते हैं, अगर वे अगले या पिछले साल की किसी लंबी अवधि से जुड़े हों, या आसपास के काफ़ी सालों में आपकी रेज़िडेंसी या 90 दिन या उससे ज़्यादा की मौजूदगी रही हो।
अगर आप दूसरे देश में बसने के लिए मलेशिया की नागरिकता या परमानेंट रेज़िडेंसी छोड़ते हैं, या आप मलेशिया छोड़ने वाले एक्सपैट या विदेशी कर्मचारी हैं, तो EPF आपको अपनी पूरी बचत निकालने देता है।
थाईलैंड में
किसी कैलेंडर साल में थाईलैंड में आपके 180 दिन या उससे ज़्यादा बीतें, तो उस साल आप थाई टैक्स रेज़िडेंट हैं। रेज़िडेंट पर थाई आमदनी पर टैक्स लगता है, और 1 जनवरी 2024 से कमाई गई विदेशी आमदनी पर उस साल, जिसमें वह थाईलैंड लाई जाए; 2024 से पहले कमाई गई विदेशी आमदनी लाने पर उस पर टैक्स नहीं लगता। लॉन्ग-टर्म रेज़िडेंट (LTR) वीज़ा, जिसमें 50 और उससे ज़्यादा उम्र वालों के लिए उसकी Wealthy Pensioner श्रेणी भी है, विदेशी आमदनी पर टैक्स की छूट देता है।
देश छोड़ते समय, 55 से पहले बेची गई RMF यूनिट या होल्डिंग अवधि के अंदर बेची गई Thai ESG यूनिट पर मिली टैक्स छूट लौटानी पड़ती है। नौकरी छोड़ने पर Provident Fund की रकम RMF में ले जाई जा सकती है। एक थाई लॉ फ़र्म की गाइड के मुताबिक, सोशल सिक्योरिटी का कोई गैर-थाई सदस्य हमेशा के लिए देश छोड़ दे, तो योगदान के महीनों की परवाह किए बिना बुढ़ापे वाली एकमुश्त रकम क्लेम की जा सकती है; जाने से पहले Social Security Office से इसकी पुष्टि कर लें।
फ़िलीपींस में
फ़िलीपींस में रहने वाले नागरिकों पर दुनिया भर की आमदनी पर टैक्स लगता है। जो नागरिक इमिग्रेंट के तौर पर या स्थायी नौकरी के लिए विदेश में रहने के लिए देश छोड़ दे, या जिसका काम उसे साल के ज़्यादातर समय विदेश में रखे, वह नॉन-रेज़िडेंट नागरिक है और उस पर सिर्फ़ फ़िलीपींस की आमदनी पर टैक्स लगता है; विदेश में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों पर भी यही लागू है। विदेशियों पर, रेज़िडेंट हों या नहीं, सिर्फ़ फ़िलीपींस की आमदनी पर टैक्स लगता है। जो विदेशी फ़िलीपींस में इस बारे में बिना किसी तय इरादे के रहता है कि कितने समय रहना है, वह रेज़िडेंट एलियन है; जो किसी कैलेंडर साल में 180 दिन से ज़्यादा रुकता है, उसे वहाँ बिज़नेस करने वाला माना जाता है।
कानूनी क्षमता और टैक्स पहचान नंबर (TIN) वाला कोई भी व्यक्ति PERA खोल सकता है; विदेश में रहने वाले फ़िलिपीनी आम सीमा से दोगुना डाल सकते हैं और 5% टैक्स क्रेडिट को दूसरे राष्ट्रीय टैक्स में इस्तेमाल कर सकते हैं। OFW (विदेश में काम करने वाले फ़िलिपीनी) के लिए SSS अनिवार्य है, और विदेश में बसने वाले फ़िलिपीनी, विदेशी नागरिकता ले चुके लोग भी, अपनी मर्ज़ी से इसमें बने रह सकते हैं। काम छोड़ चुके विदेशी 40 की उम्र से Special Resident Retiree’s Visa के लिए आवेदन कर सकते हैं; 50 और उससे ऊपर, Classic विकल्प में योग्य पेंशन होने पर USD 15,000 जमा करने होते हैं, या पेंशन के बिना USD 30,000।
संयुक्त अरब अमीरात में
आप UAE के टैक्स रेज़िडेंट हैं, अगर आपका मुख्य घर और आपके पैसों और ज़िंदगी का केंद्र UAE में है; या लगातार 12 महीनों में वहाँ आपके 183 दिन या उससे ज़्यादा बीते; या 90 दिन या उससे ज़्यादा, अगर आप UAE या खाड़ी देशों (GCC) के नागरिक हैं या आपके पास UAE का रेज़िडेंस परमिट है, और वहाँ आपका स्थायी घर या नौकरी या बिज़नेस है। ये नियम 1 मार्च 2023 से लागू हैं।
व्यक्तियों पर इनकम टैक्स न होने से, UAE में टैक्स छूट वाले कोई खाते नहीं हैं — न आने वाले परिवार के लिए साथ लाने को, न जाने वाले परिवार के लिए बंद करने को। विदेशी कर्मचारी की ग्रेच्युटी कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के 14 दिनों के अंदर मिलती है, और DEWS की बचत देश में या विदेश के खाते में ली जा सकती है, या निवेश में ही छोड़ी जा सकती है।
इसे अपने प्लान में देखें।
आपका देश खोलेंआखिरी बार 4 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
यह आम जानकारी है, आपके हालात पर कोई राय नहीं। नियम और सीमाएँ बदलती रहती हैं; अपने देश की आधिकारिक जानकारी देखें, और पैसों से जुड़ा फ़ैसला लेने से पहले किसी लाइसेंस वाले प्रोफ़ेशनल से बात करें।